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एनएल चर्चा 441: एनडीए में यूसीसी पर मंथन, सेवा संकल्प अभियान और बिहार की बाढ़
01:35:33|एनएल चर्चा के इस अंक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 2029 तक सभी 21 एनडीए शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करने के ऐलान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने पर भाजपा द्वारा शुरू किए गए 'सेवा संकल्प अभियान' और बिहार में आई बाढ़ पर विस्तार से बात हुई.इसके अलावा दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट चार्ज लागू करने के एनपीसीआई के फैसले, पश्चिम बंगाल में अरबी भाषा में अभिवादन करने पर आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो के तबादले, बिहार के 15 जिलों में बाढ़ से 49 लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने, एएमयू के छात्रों द्वारा फ़िलिस्तीन समर्थन के नारों पर भड़काऊ कवरेज के लिए ज़ी न्यूज़ पर एनबीडीएसए द्वारा 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने, दिशा सालियान मौत मामले में सीबीआई एफआईआर के बाद आदित्य ठाकरे के बयान, पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा 252 मदरसों को बंद करने के आदेश, ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स 2026 में भारत के 131वें स्थान पर रहने, चुनाव आयोग की कवायद विशेष गहन पुनरीक्षण के तीसरे चरण में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने, अरब सागर में पाकिस्तानी नौसेना के जहाज की भारतीय युद्धपोत से टक्कर और एशिया कप जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार करने जैसी ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार, राजनीतिक विश्लेषक, इंडियन एक्सप्रेस की कंट्रीब्यूटिंग एडिटर और 'हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड' की लेखिका नीरजा चौधरी शामिल हुईं. वहीं न्यूज़लॉन्ड्री टीम से वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी, रमन किरपाल और बसंत कुमार शामिल हुए. चर्चा का संचालन प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “कल एक बेहद गंदा दृश्य दिखा. पटना में गंगा के एक तट पर बाढ़ आई हुई है, लोगों के घर डूबे हैं और दूसरी पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर भाजपा सरकारों की तरफ से लाखों दिए जलाए गए. बाढ़ की बात करें तो यह तब है जब मानसून में 14 प्रतिशत कमी है लेकिन उसके बावजूद यह स्थिति है.”इस विषय पर हृदयेश कहते हैं, “बाढ़ का होना और मानसून का कम होना, यह दोनों चीज़ें एक साथ हो सकती हैं, यह एक भौगोलिक स्थिति है और बिहार देश का दूसरा सबसे ज़्यादा आपदा प्रवण राज्य है.”सुनिए पूरी चर्चा -टाइमकोड्स:00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 4:22 - सुर्खियां 16:45 - बिहार में बाढ़ 24:24 - समान नागरिक संहिता 54:54 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 01:04:44 - पीएम नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 01:24:15 - सलाह और सुझावनोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाएहृदयेश जोशी - लेख - बीजेपी'ज़ स्टेट-बाय-स्टेट पुश फॉर यूसीसी रेज़ेस ए की क्वेश्चन: इज़ इट 'यूनिफॉर्म' कोड?किताब - पिल फ्री रमन किरपाल - डाक्यूमेंट्री - लायन बसंत कुमार - फिल्म - घमासान रिपोर्ट - जिस सीट पर केजरीवाल मामूली अंतर से हारे, वहां 2025 चुनाव से पहले जुड़े 40 फीसदी नाम एसआईआर के ड्राफ्ट में गायबरिपोर्ट - प्रसार भारती का कमाल, जूते में बंट रही दालअतुल चौरसिया - सीरीज़ फौदा सीजन 5, फिल्म मिर्ज़ापुर क़तई न देखेंचर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : हसन बिलाल संपादन: हसन बिलाल -
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एनएल चर्चा 440: ब्रिक्स के मंच पर वैश्विक नेता, मणिपुरी संगीतकार चांगथम विक्रम की हत्या और दिल्ली में दर्दनाक पीजी हादसा
01:57:39|एनएल चर्चा के इस अंक में दिल्ली में आयोजित हो रहे BRICS सम्मेलन और सुरक्षा इंतजामों, दिल्ली के सत्या निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने से हुई मौतों, नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन से जुड़ी समर्थ ग्रोवर की डॉक्यूमेंट्री और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक्टिविस्ट पर रासुका हटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने के फैसले पर विस्तार से चर्चा हुई. इसके अलावा दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम की हत्या और नस्लवाद के बढ़ते मामलों का मुद्दा भी बातचीत का अहम हिस्सा रहा.इसके अलावा राहुल गांधी मामले पर सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई की टिप्पणी, स्कूल की बदहाली पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार पर दर्ज एफआईआर पर हाई कोर्ट की रोक, छात्र कार्यकर्ता द्वारा सुधीर चौधरी और डीडी न्यूज़ पर मानहानि का मुकदमा, एफिल टावर में हिंदू संगठन के दौरे के बाद हुआ विवाद, बालघाट (मध्य प्रदेश) में बच्चों की मौत पर रिपोर्ट करने वाले पत्रकारों के इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड होने, भारत रत्न वैज्ञानिक सीएनआर राव को SIR के तहत नोटिस मिलने, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने पर महिला पत्रकारों से मारपीट, अमरीकी होमलैंड सिक्योरिटी के 'एंटी-इंडियन' पोस्ट विवाद और नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से लगातार बढ़ती तबाही जैसी ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार स्मिता शर्मा और हृदयेश जोशी शामिल हुए. वहीं न्यूज़लॉन्ड्री टीम से विकास जांगड़ा, रिपोर्टर आकांख्या राउत, ख़ुशी मेहरोत्रा और समर्थ ग्रोवर ने बातचीत में हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “अठारहवां ब्रिक्स का यह सम्मेलन है और चौथी बार है जो यह भारत में हो रहा है, इस बार का सम्मेलन किस तरह से अलग है यह जब आप देखेंगे टीवी के चैनल तो आपको पता चलेगा, लेकिन अभी हम बात करेंगे कि यह भारत के लिए कितना महत्वपूर्ण है.”स्मिता इस विषय पर कहती हैं, “यह पहली बार हो रहा है देश में जब किसी शिखर वार्ता की वजह से इतना बुरा ट्रैफिक का हाल है, दुनिया भर की बहुत सी ऐसी राजधानी हैं जहां शिखर वार्ता होती हैं और सुरक्षा के इंतेज़ाम होते हैं, यह सिर्फ आलोचना नहीं है यह इसलिए है कि हम सोचें कि जब हम कोई शिखर वार्ता करते हैं तो कैसे आम लोगों की ज़िंदगी पर असर डालते हैं, इसे हम कैसे बेहतर बना सकते हैं क्यों इस तरह के सम्मेलन देश के लिए बहुत महत्त्व रखते हैं.”सुनिए पूरी चर्चा -टाइमकोड्स:00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 6:20 - सुर्खियां 11:10 - हिंदी भाषा 21:12 - ब्रिक्स सम्मलेन 46:54 - सत्य निकेतन हादसा 01:08:25 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 01:23:00 - चोंगथम विक्रम01:42:34 - एनाटॉमी ऑफ़ कॉन्सिपिरेसी01:51:36 - सलाह और सुझावनोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाएविकास जांगड़ा - फिल्म - बबीता सिंह रिपोर्टिंगहृदयेश जोशी - शैल चतुर्वेदी की कविता - महंगाईस्मिता शर्मा - फिल्म - द बन्शीज़ इन्शीरिन समर्थ ग्रोवर - डॉक्यूमेंट्री - एनाटॉमी ऑफ़ कॉन्सिपिरेसीअतुल चौरसिया - डॉक्यूमेंट्री - एनाटॉमी ऑफ़ कॉन्सिपिरेसीचर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : हसन बिलाल संपादन: हसन बिलाल
एनएल चर्चा 439: दिल्ली मतदाता सूची में भारी कटौती, 7.8% जीडीपी की हकीकत और सुभाष चंद्रा की क़र्ज़माफ़ी
02:11:29|एनएल चर्चा के इस अंक में चुनाव आयोग द्वारा दिल्ली की मतदाता सूची (SIR) से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने, भारत की पहली तिमाही की जीडीपी दर में दर्ज हुई बढ़त और सुप्रीम कोर्ट द्वारा नीट-यूजी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से बात हुई.इसके अलावा हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मंच के शुद्धिकरण को लेकर विवाद, दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान पलेट गन के इस्तेमाल पर सीआरपीएफ द्वारा आरटीआई में जानकारी देने से इनकार करने, ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान के क्षेत्रीय एयरलाइन फ्लाई91 में पायलट के रूप में शामिल होने, नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से लगातार बढ़ते मौत के आंकड़े और उससे बिहार में बने हालात, यूएनईपी द्वारा वैश्विक तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक बढ़ने की चेतावनी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे के बाद उठे राजनीतिक विवाद, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के प्रवासियों पर दिए विवादित बयान, सुभाष चंद्र के दिवाला मामले और शंघाई सहयोग संगठन में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आतंकवाद पर दिए कड़े बयान जैसी ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान निकोर एसोसिएट्स की संस्थापक और जानी-मानी अर्थशास्त्री मिताली निकोर शामिल हुईं. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी, आनंद वर्धन और बसंत कुमार ने बातचीत में हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “जीडीपी को लेकर जो बहस देश में शुरू हुई, प्रधानमंत्री ने एक वीडियो जारी किया जिसमें उन्होंने देश की बढ़ती, मजबूत होती अर्थव्यवस्था का जिक्र किया और पहली तिमाही में जो यह 7.8% जीडीपी की ग्रोथ रेट दर्ज की गई है, इसको उन्होंने एक अच्छे और एक बहुत ही सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के तौर पर दिखाया वहीं पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने इस पूरे आंकड़े से अपनी असहमति जताई और उन्होंने आंकड़ों को निकालने की जो प्रक्रिया है, उस पर कई तरह के सवाल उठाए कि कैलकुलेशन का तरीका गलत है और उसकी वजह से यह नंबर गलत है.”इस विषय पर मिताली कहती हैं, “यह नॉमिनल नंबर्स जो दो डिफरेंट बेस इयर्स के हैं, हम उनको एक दूसरे से कंपेयर नहीं कर सकते, तो 2.6% का तो कोई बेसिस ही नहीं है, वह कैलकुलेशन गलत है. जनवरी में जो लास्ट रिलायबल कैलकुलेशन इन्फ्लेशन का था, वह 2.5% आया था. मेरे हिसाब से इसका लॉजिक यह होगा कि फर्स्ट क्वार्टर के लिए उन्होंने जनवरी का नंबर अज़्यूम कर लिया क्योंकि उनके पास शायद फ़रवरी और मार्च का डेटा उस टाइम तक नहीं आया होगा.”सुनिए पूरी चर्चा -टाइमकोड्स:00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 3:00 - सुर्खियां 06:52 - जीडीपी विवाद 38:00 - दिल्ली मतदाता सूची से कटे लाखों नाम 01:10:30 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 01:13:27 - सुभाष चंद्रा केस 01:25:03 - सलाह और सुझावनोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाएमिताली निकोर सीरीज - टेड लासो फिल्म - बबीता सिंह रिपोर्टिंग हृदयेश जोशी रिपोर्ट - नाबालिग़ अंडरवर्ल्ड किताब - प्राइस ऑफ़ इनक्वॉलिटी लेख - ऑन कास्ट सेंसस, अ कॉन्फ्लिक्ट विदिन द गवर्नमेंट, अ नोट रिवाइज्ड बसंत कुमार रिपोर्ट - मेवात के सरकारी स्कूल: जर्जर भवन, बदहाल टॉयलेट और चटाई पर पढ़ाईरिपोर्ट - पुलिस कैम स्पॉटेड टीन मर्डर एक्यूज्ड एट सीजीपी प्रोटेस्ट। देयर इज अ जेल ट्विस्ट आनंद वर्धन किताब - क्राइम एंड पनिशमेंट अतुल चौरसिया डॉक्यूमेंट्री - जनरेशन 9/11 चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : हसन बिलाल संपादन: हसन बिलाल
एनएल चर्चा 438: नेपाल में विनाशकारी बाढ़, 'आरक्षण हटाओ' आंदोलन और यूट्यूबर अजीत भारती पर एफआई
01:30:22|एनएल चर्चा के इस अंक में नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और हिमस्खलन से हुई तबाही, 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' के बीच उठते सवालों और यूट्यूबर अजीत भारती के खिलाफ दर्ज एफआईआर और न्यूज़लॉन्ड्री के रिपोर्टर अवधेश कुमार की रिपोर्ट ‘नाबालिग़ अंडरवर्ल्ड’ पर विस्तार से बात हुई.इसके अलावा परिसीमन विधेयक पर संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे का पीएम मोदी को पत्र, NLSIU में विरोध के बीच दीक्षांत समारोह रद्द होने, संयुक्त राष्ट्र की नस्लीय भेदभाव रिपोर्ट को भारत द्वारा खारिज किए जाने, महाराष्ट्र में प्रवासी ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए एक साल की मोहलत, नीति आयोग की स्नातकों में बेरोजगारी पर रिपोर्ट, तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों को लोकसभा सचिवालय का अयोग्यता नोटिस, सुभाष चंद्रा के दिवाला मामले में NCLT का फैसला, जेपी नड्डा की 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' के प्रतिनिधियों से मुलाकात और नेपाल-चीन सीमा के पास तबाही मचाने वाली बाढ़ जैसी ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान काठमांडू से वरिष्ठ पर्यावरण एवं जलवायु पत्रकार आर्या खरेल शामिल हुईं. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी, रिपोर्टर अवधेश कुमार और विकास जांगड़ा ने हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “2013 में जब केदारनाथ की त्रासदी हुई थी, कमोबेश इसी तरह की स्थिति थी और सैंकड़ों लोगों की उस समय भी जान गई थी तो उस अनुभव से अगर हम यहां से देखें तो क्या नज़र आता है?”इस विषय पर हृदयेश जोशी कहते हैं, “केदारनाथ और नेपाल की जो आपदा है उसमें अंतर हैं, केदारनाथ में पांच हज़ार का मौत का आंकड़ा सरकार ने स्वीकारा था और जो लोग लापता थे वे आजतक लापता हैं, ऐसी घटनाओं में ज़्यादातर लापता लोग दुर्भाग्यवश मृत ही होते हैं. मुझे यह डर है कि यह नेपाल में भी ऐसा न हो. दूसरा अंतर है बाढ़ की वजह जो दोनों घटनाओं में अलग है.”हृदयेश आगे कहते हैं, “आपदा के बाद फिर वही सुर उठते हैं और फिर वही कंस्ट्रक्शन शुरू हो जाते हैं और हम आपदाओं से सीखते नहीं हैं.”सुनिए पूरी चर्चा -टाइमकोड्स:00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 3:00 - सुर्खियां 06:52 - नेपाल में आई बाढ़ 38:00 - आरक्षण को लेकर बहस 01:10:30 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 01:13:27 - नाबालिग़ अंडरवर्ल्ड 01:25:03 - सलाह और सुझावनोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए हृदयेश जोशी - रिपोर्ट - नाबालिग़ अंडरवर्ल्ड, किताब - घाचर घोचर अवधेश कुमार - रिपोर्ट - नाबालिग़ अंडरवर्ल्ड, किताब - सामने आते ही नहीं विकास जांगड़ा -फिल्म - मदर इंडिया, डॉक्यूमेंट्री - द एआई डॉकअतुल चौरसिया - रिपोर्ट - नाबालिग़ अंडरवर्ल्ड चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : हसन बिलाल संपादन: हसन बिलाल
एनएल चर्चा 437: बीजेपी की नई टीम, स्मृति इन, मालवीय आउट और टेक डाउन नोटिसों का रिकॉर्ड उछाल
01:26:44|एनएल चर्चा के इस अंक में भारतीय जनता पार्टी की नई टीम के गठन, स्मृति ईरानी की वापसी और अमित मालवीय के बाहर होने पर विस्तार से बात हुई. इसके साथ सरकार द्वारा जारी 'टेक डाउन' नोटिसों की बढ़ती संख्या पर भी गहन चर्चा की गई.इसके अलावा दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और पूर्व डीजेबी सीईओ की एसटीपी परियोजना टेंडर मामले में गिरफ्तारी, जम्मू-कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत का बयान, पश्चिम बंगाल में सीजेपी कार्यकर्ता के पिता की हत्या मामले में पुलिस की भूमिका, झारखंड में परीक्षा रद्द होने से 2,000 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटकने, पीएम केयर्स फंड द्वारा 2024-25 में 8,452 करोड़ में से मात्र 88 लाख खर्च कर 93% राशि एफडी में रखने, पत्रकार रवि नायर के घर गुजरात पुलिस की छापेमारी, गुजरात के भावनगर ज़हरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत, 'वंदे मातरम' प्रस्ताव पर सीडब्ल्यूसी के खिलाफ बीजेपी का हमला, यूजीसी-नेट की तीन परीक्षाएं दोबारा कराने का एनटीए का फैसला, आरजेडी प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव की हिरासत, बिहार के स्कूल में मध्याह्न भोजन में डिटर्जेंट मिलने से बच्चों के बीमार होने, पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का निधन, विमल इलायची विज्ञापन विवाद में अभिनेताओं को नोटिस और बांग्लादेश द्वारा शेख हसीना के प्रत्यर्पण की शर्त आदि ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार, राजनीतिक विश्लेषक, इंडियन एक्सप्रेस की कंट्रीब्यूटिंग एडिटर और 'हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड' की लेखिका नीरजा चौधरी शामिल हुईं. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से बातचीत में रिपोर्टर बसंत कुमार, स्तंभकार आनंद वर्धन और प्रमुख संपादक रमन किरपाल ने हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “चुनावी जीत के दम पर शिखर पर खड़ी सरकार क्या हालिया संसद सत्र में डिफेंसिव मोड में आ गई? जिस तरह अमित शाह को घेरा गया, क्या वह सरकार के बदले हुए एटीट्यूड की ओर इशारा करता है?”इस सवाल के जवाब में नीरजा कहती हैं, “देखिए ये बात सही है, बैकफुट पे है सरकार, और अगर आप तुलना करेंगे पश्चिम बंगाल के नतीजे जब आए, कितने हाईप पे थी बीजेपी, और जिस तरह से तृणमूल में में टूट हुई और फिर शिवसेना उद्धव ठाकरे ठाकरे ग्रूप में टूट हुई जो बड़ा जंप है, और ये कहा जा रहा था कि मानसून सेशन में परिसीमन बिल लाया जाएगा और सरकार सोच रही है कि दो तिहाई मेजोरिटी अब उसके करीब है मतलब ऐसा लग रहा था ये सब होने जा रहा है और अचानक स्थिती पलट गई और ये एक बहुत बड़ी सीख है, कि कितनी जल्दी देश में स्थितियां बदल सकती हैं.”सुनिए पूरी चर्चा -टाइमकोड्स:00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 4:20 - सुर्खियां 07:30 - सोनिया गांधी की आने वाली किताब 20:15 - संसद का मानसून सत्र 25:40 - भाजपा की नई टीम 53:56 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 01:02:40 - 'टेक डाउन' नोटिसों की बढ़ती संख्या01:14:40 - सलाह और सुझावनोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करेंपत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए बसंत कुमाररिपोर्ट - हिमंत बिस्वा सरमा के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्राइड ईस्ट के विज्ञापन भुगतान में धुंआधार बढ़ोतरीरिपोर्ट - ₹428 करोड़ इन, ₹1 करोड़ आउट: हाउ चाइनीज़ कैपिटल एंड पब्लिक मनी वैनिश्ड इनटू गुरुग्राम्स गार्बेजआनंद वर्धन किताब - राइटिंग सोशल हिस्ट्रीकिताब - मॉडर्न इण्डियालेख - व्हाट द लखनऊ फायर सेज़ अबाउट द एवरीडे गैंबल ऑफ बीइंग अलाइव इन इंडिया रमन किरपाल रिपोर्ट - ₹428 करोड़ इन, ₹1 करोड़ आउट: हाउ चाइनीज़ कैपिटल एंड पब्लिक मनी वैनिश्ड इनटू गुरुग्राम्स गार्बेज वेब सीरीज़ - सफ़ेद सागरअतुल चौरसिया रिपोर्ट - ₹428 करोड़ इन, ₹1 करोड़ आउट: हाउ चाइनीज़ कैपिटल एंड पब्लिक मनी वैनिश्ड इनटू गुरुग्राम्स गार्बेज किताब - एनिमल फार्मचर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : सौरव कुमार रंजन संपादन: हसन बिलाल
एनएल चर्चा 436: दिल्ली में स्वाइन फ्लू का प्रकोप, संसद में अमित शाह की वापसी और चमोली सुरंग हादसा
01:55:07|एनएल चर्चा के इस अंक में वृक्षारोपण अभियानों की असल जमीनी हकीकत, दिल्ली में तेजी से बढ़ते स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले और पिटबुल नस्ल के कुत्तों के हमलों से जुड़ी चिंताओं पर विस्तार से बात हुई. इसके साथ ही संसद के मौजूदा सत्र के दौरान गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के बीच हुई तीखी बहस पर भी चर्चा की गई.इसके अलावा अमित शाह की चर्चा की पेशकश पर राहुल गांधी का पलटवार, झारखंड जेपीएससी पेपर लीक मामले में पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते की गिरफ्तारी, नल्सर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में सीजेआई को आमंत्रण पर छात्रों का विरोध, विपक्ष के वॉकआउट के बीच संसद से ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक 2026 का पारित होना, अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावों के बीच भारत का कड़ा रुख, असम में बाढ़ से मची तबाही और पुनर्वास के लिए 1000 करोड़ की आवश्यकता, अमेरिकी अदालत द्वारा उद्योगपति गौतम अडानी पर लगे रिश्वत और धोखाधड़ी के आरोप खारिज, कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से 132 लोगों की मौत, 'वंदे मातरम' के अपमान को अपराध घोषित करने वाले विधेयक को राष्ट्रपति मुर्मू की मंजूरी, पाकिस्तान-सऊदी अरब-तुर्की रक्षा समझौते पर भारत की पैनी नजर, जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास से नकद बरामदगी मामले में जांच समिति की रिपोर्ट, महाराष्ट्र में ओला-उबर चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने का नियम, और रूसी तेल आयात को लेकर भारत पर 100% टैरिफ लगाने वाला अमेरिकी सीनेट का प्रतिबंध विधेयक आदि ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान संक्रामक रोगों की विशेषज्ञ और 17 वर्षों का वृहद अनुभव रखने वाली जानी-मानी चिकित्सक डॉ. तृप्ति गिलाड़ा शामिल हुईं. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से बातचीत में सह संपादक शार्दूल कात्यायन, वरिष्ठ पत्रकार हृदेश जोशी और विकास जांगड़ा ने हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चूंकि आज स्वतंत्रता दिवस है तो उसी से चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल स्वतंत्रता दिवस की यादों और उत्तराखंड के इतिहास के बारे में हृदयेश से सवाल करते हैं कि 15 अगस्त से जुड़ी बचपन की सबसे मजेदार यादें क्या हैं?इस पर हृदयेश बताते हैं कि बचपन में स्वतंत्रता दिवस पर सुबह बहुत जल्दी उठकर प्रभात फेरियों में जाना पड़ता था. वे याद करते हैं कि कैसे उनके शिक्षक नदीम सर के नेतृत्व में बच्चे पूरे हल्द्वानी शहर में घूमकर 'कौमी एकता जिंदाबाद' और स्वतंत्रता सेनानियों के नारे लगाते थे. भीषण गर्मी और पसीने के बावजूद प्रभात फेरी के बाद झंडारोहण और बूंदी के लड्डू मिलने का उत्साह अलग ही होता था.इसके आगे उत्तराखंड के ऐतिहासिक संदर्भ पर बात करते हुए हृदयेश कहते हैं कि उत्तराखंड का स्वतंत्रता संग्राम और पर्यावरण आंदोलन आपस में बहुत गहराई से जुड़े हुए हैं. 1916 में कुमाऊँ परिषद का गठन, 1920 का कुली-बेगार आंदोलन, गांधी जी का आगमन और तिलाड़ी कांड जैसी घटनाएँ राज्य के समृद्ध इतिहास को दर्शाती हैं.वे पेशावर विद्रोह के नायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली का विशेष उल्लेख करते हुए बताते हैं कि कैसे उन्होंने खान अब्दुल गफ्फार खान के 'खुदाई खिदमतगार' आंदोलनकारियों पर गोली चलाने के ब्रिटिश हुकूम के आदेश को साफ नकार दिया था और जेल जाना स्वीकार किया था. सुनिए पूरी चर्चा- टाइमकोड्स:00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 4:00 - सुर्खियां 10:54 - स्वतंत्रता दिवस 22:15 - स्वाइन फ्लू का प्रकोप43:45 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 49:20 - FCRA विधेयक01:01:40 - चमोली टनल हादसा 01:11:22 - पिटबुल के हमले01:37:00 - सलाह और सुझावनोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : सौरव कुमार रंजन संपादन: सौरव कुमार रंजन
एनएल चर्चा 435: जेन ज़ी और मीम कल्चर, मेटा ने हटाया प्रधानमंत्री का वीडियो और FCRA विधेयक
01:40:44|एनएल चर्चा के इस अंक में जेन ज़ी की जीवनशैली, मीम कल्चर, प्रधानमंत्री का वीडियो कुछ देर के लिए हटाने पर मार्क ज़ुकरबर्ग द्वारा मांगी गई माफ़ी और विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर विस्तार से बात हुई.इसके अलावा आरबीआई ने अगले साल से प्लास्टिक करेंसी नोट पेश करने की योजना की घोषणा की, दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश और दिल्ली के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी, प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य जारी रहने के साथ असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या और बढ़ गई, सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना चुनाव चिह्न विवाद में ‘असली’ राजनीतिक दल का निर्धारण करने के लिए स्पष्ट मानदंड मांगे, विरोध प्रदर्शन जारी रहने के बीच झारखंड परीक्षा अनियमितता मामले में पांच और गिरफ्तारियां, एसीसी ने केंद्रीय गृह सचिव और कैबिनेट सचिव के लिए एक-एक साल के सेवा विस्तार को मंजूरी दी, संभल हिंसा जांच पैनल ने इस अशांति को मस्जिद सर्वेक्षण को रोकने की एक नियोजित साजिश बताया, बांग्लादेश ने ढाका/दिल्ली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद नाराजगी जताई और कहा कि इस कार्यक्रम ने भारत के साथ संबंधों को नुकसान पहुंचाया है, राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि युवा विरोध प्रदर्शनों के बीच छात्रों के घरों पर गुंडे भेजे जा रहे हैं, भर्ती अनियमितताओं को लेकर झारखंड जेपीएससी-जेएसएससी छात्र विरोध तेज और अभ्यर्थियों ने तिरंगा मार्च तथा विधानसभा घेराव का ऐलान किया, सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि 'मान्यता प्राप्त' मीडिया आउटलेट अदालतों की रिपोर्टिंग कर सकते हैं लेकिन सुनवाई के ऑडियो या वीडियो क्लिप साझा नहीं कर सकते, शरद पवार की एनसीपी ने सभी प्रवक्ताओं को पद से हटा दिया, और लखनऊ में छह कांवड़ियों ने एक स्कूल वैन पर हमला कर उसकी विंडस्क्रीन तोड़ दी आदि ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ अधिवक्ता अपार गुप्ता शामिल हुए. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से बातचीत में सह संपादक शार्दूल कात्यायन, सीनियर रिपोर्टर बसंत कुमार और अश्विन सिंह ने हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “बड़ा सेलेक्टिव तरीके से मेटा द्वारा कंटेंट को हटाया जाता है जिसकी कोई जवाबदेही नहीं होती है लेकिन यह पहली बार हुआ है जब मेटा ने प्रधानमंत्री का ही वीडियो फेसबुक से हटा दिया जिसके बाद उन्हें माफ़ी भी मांगनी पड़ी. यह जो पूरा मामला है इसे आप कैसे देखते हैं अपार?”इस विषय पर अपार कहते हैं, “किसी भी देश के प्रधानमंत्री का वीडियो इस तरह हटाया जाना सही नहीं है और यह दिखाता है चाहे वह हम हों या कोई और देश के नेता कि हम अपने लोगों से कनेक्ट करने के लिए किस क़द्र निर्भर हो चुके हैं मेटा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर चाहे वह फेसबुक हो इंस्टाग्राम हो या ट्विटर.”सुनिए पूरी चर्चा- टाइमकोड्स:00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 4:31 - सुर्खियां 12:00 - मेटा ने हटाया प्रधानमंत्री का वीडियो46:00 - जेन ज़ी और मीम कल्चर1:13:20 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 1:17:36 - FCRA विधेयक01:32:33 - सलाह और सुझावनोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाएशार्दूल कात्यायन - रिपोर्ट - रुपीस 2,192 करोड़ क्लियरड, 62% फॉर फर्म्स लिंक्ड टू गवर्नमेंट टेक फंड पैनल,किताब - कॉस्मिक क्वेरीज, यूट्यूब वीडियो - वाई डज़ एव्री मैमल्स गेट 1 बिलियन हार्टबीट्स इन देयर लाइफ? अपार गुप्ता - गाना - सफर बसंत कुमार - रिपोर्ट - विज्ञापन पर खर्च के मामले में मोदी से आगे निकले योगी, यूपी सरकार ने 8 सालों में खर्चे 6812 करोड़ रुपये,सीरीज - मुसाफिर कैफ़े,सौरभ द्विवेदी के साथ जोजी जोसफ की बातचीत अश्विन सिंह- सीरीज़ -ग्राम चिकित्सालय,डॉक्यूमेंट्री पॉडकास्ट - होप एंड फियर: इंडियाज स्पेस रिवोल्यूशनअतुल चौरसिया रिपोर्ट - रुपीस 2,192 करोड़ क्लियरड, 62% फॉर फर्म्स लिंक्ड टू गवर्नमेंट टेक फंड पैनल,लेख - जेन ज़ीज़ पैरेंट्स मस्ट आंसर फॉर देयर पॉलिटिक्स, क्राइसिस इट क्रिएटेड चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : हसन बिलाल संपादन: हसन बिलाल