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एनएल चर्चा 440: ब्रिक्स के मंच पर वैश्विक नेता, मणिपुरी संगीतकार चांगथम विक्रम की हत्या और दिल्ली में दर्दनाक पीजी हादसा

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एनएल चर्चा के इस अंक में दिल्ली में आयोजित हो रहे BRICS सम्मेलन और सुरक्षा इंतजामों, दिल्ली के सत्या निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने से हुई मौतों, नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन से जुड़ी समर्थ ग्रोवर की डॉक्यूमेंट्री और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक्टिविस्ट पर रासुका हटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने के फैसले पर विस्तार से चर्चा हुई. इसके अलावा दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम की हत्या और नस्लवाद के बढ़ते मामलों का मुद्दा भी बातचीत का अहम हिस्सा रहा.


इसके अलावा राहुल गांधी मामले पर सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई की टिप्पणी, स्कूल की बदहाली पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार पर दर्ज एफआईआर पर हाई कोर्ट की रोक, छात्र कार्यकर्ता द्वारा सुधीर चौधरी और डीडी न्यूज़ पर मानहानि का मुकदमा, एफिल टावर में हिंदू संगठन के दौरे के बाद हुआ विवाद, बालघाट (मध्य प्रदेश) में बच्चों की मौत पर रिपोर्ट करने वाले पत्रकारों के इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड होने, भारत रत्न वैज्ञानिक सीएनआर राव को SIR के तहत नोटिस मिलने, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने पर महिला पत्रकारों से मारपीट, अमरीकी होमलैंड सिक्योरिटी के 'एंटी-इंडियन' पोस्ट विवाद और नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से लगातार बढ़ती तबाही जैसी ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.


इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार स्मिता शर्मा और हृदयेश जोशी शामिल हुए. वहीं न्यूज़लॉन्ड्री टीम से विकास जांगड़ा, रिपोर्टर आकांख्या राउत, ख़ुशी मेहरोत्रा और समर्थ ग्रोवर ने बातचीत में हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.


चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “अठारहवां ब्रिक्स का यह सम्मेलन है और चौथी बार है जो यह भारत में हो रहा है, इस बार का सम्मेलन किस तरह से अलग है यह जब आप देखेंगे टीवी के चैनल तो आपको पता चलेगा, लेकिन अभी हम बात करेंगे कि यह भारत के लिए कितना महत्वपूर्ण है.”


स्मिता इस विषय पर कहती हैं, “यह पहली बार हो रहा है देश में जब किसी शिखर वार्ता की वजह से इतना बुरा ट्रैफिक का हाल है, दुनिया भर की बहुत सी ऐसी राजधानी हैं जहां शिखर वार्ता होती हैं और सुरक्षा के इंतेज़ाम होते हैं, यह सिर्फ आलोचना नहीं है यह इसलिए है कि हम सोचें कि जब हम कोई शिखर वार्ता करते हैं तो कैसे आम लोगों की ज़िंदगी पर असर डालते हैं, इसे हम कैसे बेहतर बना सकते हैं क्यों इस तरह के सम्मेलन देश के लिए बहुत महत्त्व रखते हैं.”


सुनिए पूरी चर्चा -


टाइमकोड्स:


00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 

6:20 - सुर्खियां 

11:10 - हिंदी भाषा 

21:12 - ब्रिक्स सम्मलेन 

46:54 - सत्य निकेतन हादसा 

01:08:25 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 

01:23:00 -  चोंगथम विक्रम

01:42:34 - एनाटॉमी ऑफ़ कॉन्सिपिरेसी

01:51:36 - सलाह और सुझाव


नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.


पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए


विकास जांगड़ा - फिल्म - बबीता सिंह रिपोर्टिंग


हृदयेश जोशी - शैल चतुर्वेदी की कविता - महंगाई


स्मिता शर्मा - फिल्म - द बन्शीज़ इन्शीरिन


समर्थ ग्रोवर - डॉक्यूमेंट्री - एनाटॉमी ऑफ़ कॉन्सिपिरेसी


अतुल चौरसिया - डॉक्यूमेंट्री - एनाटॉमी ऑफ़ कॉन्सिपिरेसी


चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.


ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा 

प्रोडक्शन : हसन बिलाल 

संपादन: हसन बिलाल


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  • एनएल चर्चा 444: चुनाव आयोग के खिलाफ बढ़ती मोर्चाबंदी और भारत में फूड सेफ्टी पर उठते सवाल

    01:42:38|
    एनएल चर्चा के इस अंक में मुख्य रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बुलाए गए विरोध-प्रदर्शन और इंडिया गठबंधन द्वारा जारी विरोध प्रदर्शन पर विस्तार से चर्चा की गई. इसके साथ ही भारत में खाद्य सुरक्षा के मानकों और भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा नेस्ले के डेयरी व्हाइटनर सैंपल आदि को 'असुरक्षित व घटिया' बताए जाने के मामले पर भी विस्तृत बातचीत हुई.वहीं, आकाशवाणी भवन में जबरन प्रवेश को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं पर एफआईआर, सुप्रीम कोर्ट द्वारा 'फॉर्म 6' में बदलाव को मंजूरी न देने की बात कहना, केरल सरकार द्वारा सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पुराने भ्रष्टाचार आरोपों की जांच के आदेश, ओमान तट के पास कमर्शियल जहाज पर हमला एवं 11 भारतीय क्रू सदस्यों का घायल होना, दिल्ली एसीपी विवेक भगत के प्रमोशन पर रोक, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया में 13 नए पत्रकार सदस्यों की नियुक्ति, कोयल मल्लिक का बीजेपी से राज्यसभा नामांकन एवं हरदीप सिंह पुरी का राज्यसभा सूची में नाम न होना, शिक्षकों की कमी पर आवाज उठाने वाले आप विधायक का निलंबन, उत्तराखंड में भूकंप के झटके, सिलीगुड़ी में भीड़ द्वारा मॉब लिंचिंग और अभिनेता नाना पाटेकर का निधन भी हफ्ते भर चर्चा में रहे.इस हफ्ते चर्चा में वरिष्ठ पत्रकार स्मिता शर्मा, फिल्म समीक्षक और लेखक अजय ब्रह्मात्मज के साथ वरिष्ठ प्राध्यापक और जेएनयू के पूर्व प्रोफ़ेसर राजीव कुमार शामिल हुए. वहीं न्यूज़लॉन्ड्री टीम से वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और विकास जांगड़ा ने चर्चा में हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल पूछते हैं, “चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. वहीं, फॉर्म 6 का जो मामला है, इसमें असल परेशानी क्या है?”इस विषय पर राजीव कुमार कहते हैं, “2004 में जो प्रक्रिया हुई थी, वह काग़ज़ पर हुई थी. उसमें हम यह जांच ही नहीं सकते कि हमारा नाम है या नहीं, इसलिए 2004 को बेस बनाकर इसे शुरू करना सबसे ग़लत काम तो यही था. आज हम इसे डिजिटल बना रहे हैं और यह बहुत अच्छा भी है लेकिन सबसे बड़ी बात है कि यह विश्व का सबसे बड़ा प्लेटफार्म है. ईसीआई नेट जिसकी फंक्शनिंग में सबसे ज़्यादा ब्लॉकेज है.”सुनिए पूरी चर्चा -टाइमकोड्स:00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 3:56 - सुर्खियां 08:55 - नाना पाटेकर का देहांत 27:03 - एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ियां 01:01:55 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 01:13:37 - खाद्य पदार्थों में मिलावट 01:36:33 - सलाह और सुझावनोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाएअजय ब्रह्मात्मज फिल्म - थोड़ा रोमानी हो जाएं हृदयेश जोशी डॉक्टर राजीव कुमार के लेख राजीव कुमार टेक्नोलॉजी को अडॉप्ट करें फिल्म - अब तक छप्पन विकास जांगड़ा फिल्म - थोड़ा रोमानी हो जाएं अतुल चौरसिया किताब - दिल्ली नामा चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : हसन बिलाल संपादन: हसन बिलाल
  • एनएल चर्चा 443: चुनाव से पहले INDIA गठबंधन का हल्लाबोल और दिवालिया प्रक्रिया में अडाणी का दबदबा

    01:35:16|
    एनएल चर्चा के इस अंक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ इण्डिया गठबंधन के विरोध-प्रदर्शन के फैसले पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च और 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी 'लोकतंत्र बचाओ' रैली का ऐलान शामिल है. इसके अलावा सोशल मीडिया पर 120 वायरल यूआरएल पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर न्यूज़लॉन्ड्री की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट पर भी गंभीरता से बात हुई.वहीं दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक, सीजेपी द्वारा मुंबई में और कई लेफ्ट व सिविल सोसाइटीज़ द्वारा दिल्ली में चुनाव आयोग में हुई गड़बड़ी के खिलाफ 2 अक्टूबर को प्रोटेस्ट की की गई घोषणा, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग के यू- टर्न, फॉर्म-6 में अधिकृत जानकारी की शर्त हटाई गई, राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज, सपा ने मुकेश अंबानी के करीबी कारोबारी, परिमल नथवानी के बेटे धनराज नथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया, सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के चार फ्रीज किए गए बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति देने से जुड़ी याचिका को खारिज किया, दिल्ली दंगा केस में उमर खालिद-शरजील इमाम को की जमानत याचिका फिर खारिज, संभल-हिंसा के मुख्य आरोपी मुल्ला अफरोज पर लगा NSA रद्द, मामले में सुप्रीम कोर्ट की योगी सरकार पर कड़ी टिप्पणी और लगाया 10 लाख रुपए का जुर्माना, जम्मू-कश्मीर में CISF जवान ने अपने साथियों पर चलाई गोली, 4 सैनिकों की मौत, यूपी- बिहार में बाढ़ का कहर जारी और सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली में पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने से किया इनकार आदि ख़बरें भी हफ्ते भर चर्चा में रहीं.इस हफ्ते चर्चा में जाने-माने पत्रकार, राजनीतिक टिप्पणीकार और न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार आनंद वर्धन जुड़े. वहीं न्यूज़लॉन्ड्री टीम से वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और खोजी पत्रकार बसंत कुमार, आस्था सव्यासाची शामिल हुईं. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.सुप्रीम कोर्ट के पटाखों पर पूरी तरह बैन को लेकर चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “पिछली बार धार्मिक मसलों और पर्यावरण के बीच संतुलन बिठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक घंटे पटाखे जलाने की अनुमति दी थी लेकिन उस पर कितना अमल हुआ वह हमने देखा ही तो इस बार क्या होगा?”इस विषय पर आनंद कहते हैं, “दिवाली का पटाखों से संदर्भ पहले ऐसा नहीं था, लेकिन समकालीन अभिव्यक्ति के कारण ऐसा हो रहा है, जैसे पहले शादी में डीजे का प्रचलन नहीं था, लेकिन अब शादियों में समकालीन अभिव्यक्ति डीजे से ही होती है, ऐसे में पटाखों की कोई प्राचीन जड़े नहीं है, लेकिन आम तौर पर अब इनका प्रचलन शुरू हो गया है.”हृदयेश कहते हैं, “फैक्ट्स के आधार पर देखें तो हिंदुओं के अधिकतर त्योहारों में प्रदूषण काफी फैलता है, चाहे वो होली हो या मूर्तियों का विसर्जन. ऐसे में अदालत के आदेश से ज्यादा लोगों के भीतर चेतना और जागरूकता की बात होनी चाहिए.”सुनिए पूरी चर्चा -टाइमकोड्स:00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 3:50 - सुर्खियां 08:55 - दिल्ली में पटाखों पर रोक 15:47 - चुनाव आयोग विवाद को लेकर कांग्रेस की रणनीति 01:00:22 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 01:11:45 - दिवालिया प्रक्रिया में अडाणी का दबदबा 01:25:33 - सलाह और सुझावनोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाएआनंद वर्धन रिपोर्ट- भारत निर्वाचन आयोग से संबंधित आधिकारिक खबरें और रिपोर्टहृदयेश जोशी रिपोर्ट- अडानी इनसॉल्वेंसी एजआस्था सव्यसाची रिपोर्ट- बड़ी टेक कंपनियों को बेची कार्बन क्रेडिट, उजड़ गया गुजरात का घास का मैदानबसंत कुमार रिपोर्ट - RSS पर बनी संजय दत्त स्टारर फ़िल्म 'आखिरी सवाल' के लिए 9 करोड़ रुपयेरिपोर्ट- पैसा जनता का, प्रचार सरकार काअतुल चौरसिया रिपोर्ट- अडानी इनसॉल्वेंसी एजरिपोर्ट - RSS पर बनी संजय दत्त स्टारर फ़िल्म 'आखिरी सवाल' के लिए 9 करोड़ रुपयेकिताब- प्रसिद्ध उर्दू साहित्यकार इब्न-ए-इंशा की उर्दू की 'आखिरी किताब'चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा / प्रियंका शर्मा प्रोडक्शन : हसन बिलाल संपादन: हसन बिलाल
  • एनएल चर्चा 442: चुनाव आयोग के भीतर बगावत के सुर और दिल्ली से लेकर जमुई तक गहराता महिला सुरक्षा का संकट

    01:28:51|
    एनएल चर्चा के इस अंक में भारत के चुनाव आयोग (ECI) के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' से संबंधित 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट पर चर्चा की गई, जिसमें दावा किया गया है कि तीन चुनाव आयुक्तों में से दो, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्तियां दर्ज कराई थीं. इसके अलावा चर्चा में बिहार के जुमई में नाबालिग़ युवती के साथ हुई बदसलूकी भी गंभीरता से बात हुई.इसके अलावा, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरे देश में कांग्रेस पार्टी का विरोध प्रदर्शन, कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा ज्ञानेश कुमार का 48 घंटे का दिया गया अल्टीमेटम, दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की के साथ गैंगरेप की घटना, नोएडा में मजदूरों के विरोध-प्रदर्शन के मामले में SC ने बदला आदेश, एक्टिविस्ट की NSA हिरासत बरकरार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सेलेब्स से अपील हेल्थ के लिए नुकसानदायक प्रोडक्ट्स का विज्ञापन न करें, त्रि-भाषा नीति मामला में मौजूदा कक्षा 6 के छात्रों को छूट देने के SC के सुझाव पर विचार करने के लिए केंद्र को और समय मिला, सुप्रीम कोर्ट ने कहा राज्य तय कर सकता है राष्ट्रीय गीत, लेकिन धार्मिक वजहों से वंदे मातरम ना गाने पर कोई आपराधिक कार्रवाई ना हो, IIT-बॉम्बे के छात्र की मौत पर माता-पिता का आरोप, बच्चे के साथ हुआ जातिगत भेदभाव, मीडिया आउटलेट्स के साथ जारी तनाव के बीच UN में ट्रंप ने CNN से कहा, 'आपको यहां नहीं होना चाहिए', जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारत ने अब तक (26 सितंबर 2026 तक) कुल 27 पदक (3 गोल्ड, 11 सिल्वर और 13 ब्रांज) जीत लिए हैं, जैसी ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी और खबर लहरिया की सह-संस्थापक और संपादक कविता बुंदेलखंडी शामिल हुईं. वहीं न्यूज़लॉन्ड्री टीम से वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और विकास जांगड़ा शामिल हुए. चर्चा का संचालन प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “अगर दो दो चुनाव आयुक्त लगातर लिखित आपत्तियां दर्ज कर रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त उनका जवाब नहीं दे रहे हैं तो ऐसे में उन दोनों आयुक्तों के पास क्या कोई और क़ानूनी विकल्प मौजूद होता है?”इस विषय पर अभिषेक कहते हैं, “यह मुद्दा बहुत ज़्यादा व्यापक है, 23 वर्ष पहले उच्चतम न्यायलय ने यह स्पष्ट कर दिया था, मुख्य आयुक्त सर्वोपरि नहीं होते हैं, ऐसे में भारतीय निर्वाचन आयोग में सभी महत्वपूर्ण फैसले आपसी सहमति, सर्वसम्मति या बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं.”सुनिए पूरी चर्चा -टाइमकोड्स:00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 3:50 - सुर्खियां 08:55 - एशियन गेम्स 15:47 - मुख्य चुनाव आयुक्त विवाद 52:22 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 58:07 - महिला सुरक्षा पर संकट 01:15:33 - सलाह और सुझावपत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाएहृदयेश जोशी बायोग्राफी- द फॉल ऑफ ए स्पैरोविकास जागड़ावेब सीरीज - चुंबककिताब - हाउ डेमोक्रेसीज़ डाईकविता बुंदेलखंडी किताब- बड़ी आई पत्रकार अतुल चौरसिया रिपोर्ट - ‘I didn’t know my name was deleted’: Voters in Okhla on the pre-SIR ‘clean-up’रिपोर्ट -बुराड़ी में एसआईआर का असर, 1 लाख 67 हजार लोगों के नाम वोटर लिस्ट से बाहर चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : हसन बिलाल संपादन: हसन बिलाल
  • एनएल चर्चा 441: एनडीए में यूसीसी पर मंथन, सेवा संकल्प अभियान और बिहार की बाढ़

    01:35:33|
    एनएल चर्चा के इस अंक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 2029 तक सभी 21 एनडीए शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करने के ऐलान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने पर भाजपा द्वारा शुरू किए गए 'सेवा संकल्प अभियान' और बिहार में आई बाढ़ पर विस्तार से बात हुई.इसके अलावा दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट चार्ज लागू करने के एनपीसीआई के फैसले, पश्चिम बंगाल में अरबी भाषा में अभिवादन करने पर आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो के तबादले, बिहार के 15 जिलों में बाढ़ से 49 लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने, एएमयू के छात्रों द्वारा फ़िलिस्तीन समर्थन के नारों पर भड़काऊ कवरेज के लिए ज़ी न्यूज़ पर एनबीडीएसए द्वारा 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने, दिशा सालियान मौत मामले में सीबीआई एफआईआर के बाद आदित्य ठाकरे के बयान, पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा 252 मदरसों को बंद करने के आदेश, ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स 2026 में भारत के 131वें स्थान पर रहने, चुनाव आयोग की कवायद विशेष गहन पुनरीक्षण के तीसरे चरण में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने, अरब सागर में पाकिस्तानी नौसेना के जहाज की भारतीय युद्धपोत से टक्कर और एशिया कप जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार करने जैसी ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार, राजनीतिक विश्लेषक, इंडियन एक्सप्रेस की कंट्रीब्यूटिंग एडिटर और 'हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड' की लेखिका नीरजा चौधरी शामिल हुईं. वहीं न्यूज़लॉन्ड्री टीम से वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी, रमन किरपाल और बसंत कुमार शामिल हुए. चर्चा का संचालन प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “कल एक बेहद गंदा दृश्य दिखा. पटना में गंगा के एक तट पर बाढ़ आई हुई है, लोगों के घर डूबे हैं और दूसरी पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर भाजपा सरकारों की तरफ से लाखों दिए जलाए गए. बाढ़ की बात करें तो यह तब है जब मानसून में 14 प्रतिशत कमी है लेकिन उसके बावजूद यह स्थिति है.”इस विषय पर हृदयेश कहते हैं, “बाढ़ का होना और मानसून का कम होना, यह दोनों चीज़ें एक साथ हो सकती हैं, यह एक भौगोलिक स्थिति है और बिहार देश का दूसरा सबसे ज़्यादा आपदा प्रवण राज्य है.”सुनिए पूरी चर्चा -टाइमकोड्स:00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 4:22 - सुर्खियां 16:45 - बिहार में बाढ़  24:24 - समान नागरिक संहिता 54:54 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 01:04:44 - पीएम नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 01:24:15 - सलाह और सुझावनोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाएहृदयेश जोशी - लेख - बीजेपी'ज़ स्टेट-बाय-स्टेट पुश फॉर यूसीसी रेज़ेस ए की क्वेश्चन: इज़ इट 'यूनिफॉर्म' कोड?किताब - पिल फ्री रमन किरपाल - डाक्यूमेंट्री - लायन बसंत कुमार - फिल्म - घमासान रिपोर्ट - जिस सीट पर केजरीवाल मामूली अंतर से हारे, वहां 2025 चुनाव से पहले जुड़े 40 फीसदी नाम एसआईआर के ड्राफ्ट में गायबरिपोर्ट - प्रसार भारती का कमाल, जूते में बंट रही दालअतुल चौरसिया - सीरीज़ फौदा सीजन 5, फिल्म मिर्ज़ापुर क़तई न देखेंचर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : हसन बिलाल संपादन: हसन बिलाल - 
  • एनएल चर्चा 439: दिल्ली मतदाता सूची में भारी कटौती, 7.8% जीडीपी की हकीकत और सुभाष चंद्रा की क़र्ज़माफ़ी

    02:11:29|
    एनएल चर्चा के इस अंक में चुनाव आयोग द्वारा दिल्ली की मतदाता सूची (SIR) से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने, भारत की पहली तिमाही की जीडीपी दर में दर्ज हुई बढ़त और सुप्रीम कोर्ट द्वारा नीट-यूजी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से बात हुई.इसके अलावा हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मंच के शुद्धिकरण को लेकर विवाद, दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान पलेट गन के इस्तेमाल पर सीआरपीएफ द्वारा आरटीआई में जानकारी देने से इनकार करने, ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान के क्षेत्रीय एयरलाइन फ्लाई91 में पायलट के रूप में शामिल होने, नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से लगातार बढ़ते मौत के आंकड़े और उससे बिहार में बने हालात, यूएनईपी द्वारा वैश्विक तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक बढ़ने की चेतावनी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे के बाद उठे राजनीतिक विवाद, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के प्रवासियों पर दिए विवादित बयान, सुभाष चंद्र के दिवाला मामले और शंघाई सहयोग संगठन में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आतंकवाद पर दिए कड़े बयान जैसी ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान निकोर एसोसिएट्स की संस्थापक और जानी-मानी अर्थशास्त्री मिताली निकोर शामिल हुईं. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी, आनंद वर्धन और बसंत कुमार ने बातचीत में हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “जीडीपी को लेकर जो बहस देश में शुरू हुई, प्रधानमंत्री ने एक वीडियो जारी किया जिसमें उन्होंने देश की बढ़ती, मजबूत होती अर्थव्यवस्था का जिक्र किया और पहली तिमाही में जो यह 7.8% जीडीपी की ग्रोथ रेट दर्ज की गई है, इसको उन्होंने एक अच्छे और एक बहुत ही सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के तौर पर दिखाया वहीं पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने इस पूरे आंकड़े से अपनी असहमति जताई और उन्होंने आंकड़ों को निकालने की जो प्रक्रिया है, उस पर कई तरह के सवाल उठाए कि कैलकुलेशन का तरीका गलत है और उसकी वजह से यह नंबर गलत है.”इस विषय पर मिताली कहती हैं, “यह नॉमिनल नंबर्स जो दो डिफरेंट बेस इयर्स के हैं, हम उनको एक दूसरे से कंपेयर नहीं कर सकते, तो 2.6% का तो कोई बेसिस ही नहीं है, वह कैलकुलेशन गलत है. जनवरी में जो लास्ट रिलायबल कैलकुलेशन इन्फ्लेशन का था, वह 2.5% आया था. मेरे हिसाब से इसका लॉजिक यह होगा कि फर्स्ट क्वार्टर के लिए उन्होंने जनवरी का नंबर अज़्यूम कर लिया क्योंकि उनके पास शायद फ़रवरी और मार्च का डेटा उस टाइम तक नहीं आया होगा.”सुनिए पूरी चर्चा -टाइमकोड्स:00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 3:00 - सुर्खियां 06:52 - जीडीपी विवाद 38:00 - दिल्ली मतदाता सूची से कटे लाखों नाम  01:10:30 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 01:13:27 -  सुभाष चंद्रा केस 01:25:03 - सलाह और सुझावनोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाएमिताली निकोर सीरीज - टेड लासो फिल्म - बबीता सिंह रिपोर्टिंग हृदयेश जोशी रिपोर्ट - नाबालिग़ अंडरवर्ल्ड किताब - प्राइस ऑफ़ इनक्वॉलिटी लेख - ऑन कास्ट सेंसस, अ कॉन्फ्लिक्ट विदिन द गवर्नमेंट, अ नोट रिवाइज्ड बसंत कुमार  रिपोर्ट - मेवात के सरकारी स्कूल: जर्जर भवन, बदहाल टॉयलेट और चटाई पर पढ़ाईरिपोर्ट - पुलिस कैम स्पॉटेड टीन मर्डर एक्यूज्ड एट सीजीपी प्रोटेस्ट। देयर इज अ जेल ट्विस्ट आनंद वर्धन किताब - क्राइम एंड पनिशमेंट अतुल चौरसिया डॉक्यूमेंट्री - जनरेशन 9/11 चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : हसन बिलाल संपादन: हसन बिलाल
  • एनएल चर्चा 438: नेपाल में विनाशकारी बाढ़, 'आरक्षण हटाओ' आंदोलन और यूट्यूबर अजीत भारती पर एफआई

    01:30:22|
    एनएल चर्चा के इस अंक में नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और हिमस्खलन से हुई तबाही, 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' के बीच उठते सवालों और यूट्यूबर अजीत भारती के खिलाफ दर्ज एफआईआर और न्यूज़लॉन्ड्री के रिपोर्टर अवधेश कुमार की रिपोर्ट ‘नाबालिग़ अंडरवर्ल्ड’ पर विस्तार से बात हुई.इसके अलावा परिसीमन विधेयक पर संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे का पीएम मोदी को पत्र, NLSIU में विरोध के बीच दीक्षांत समारोह रद्द होने, संयुक्त राष्ट्र की नस्लीय भेदभाव रिपोर्ट को भारत द्वारा खारिज किए जाने, महाराष्ट्र में प्रवासी ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए एक साल की मोहलत, नीति आयोग की स्नातकों में बेरोजगारी पर रिपोर्ट, तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों को लोकसभा सचिवालय का अयोग्यता नोटिस, सुभाष चंद्रा के दिवाला मामले में NCLT का फैसला, जेपी नड्डा की 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' के प्रतिनिधियों से मुलाकात और नेपाल-चीन सीमा के पास तबाही मचाने वाली बाढ़ जैसी ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान काठमांडू से वरिष्ठ पर्यावरण एवं जलवायु पत्रकार आर्या खरेल शामिल हुईं. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी, रिपोर्टर अवधेश कुमार और विकास जांगड़ा ने हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “2013 में जब केदारनाथ की त्रासदी हुई थी, कमोबेश इसी तरह की स्थिति थी और सैंकड़ों लोगों की उस समय भी जान गई थी तो उस अनुभव से अगर हम यहां से देखें तो क्या नज़र आता है?”इस विषय पर हृदयेश जोशी कहते हैं, “केदारनाथ और नेपाल की जो आपदा है उसमें अंतर हैं, केदारनाथ में पांच हज़ार का मौत का आंकड़ा सरकार ने स्वीकारा था और जो लोग लापता थे वे आजतक लापता हैं, ऐसी घटनाओं में ज़्यादातर लापता लोग दुर्भाग्यवश मृत ही होते हैं. मुझे यह डर है कि यह नेपाल में भी ऐसा न हो. दूसरा अंतर है बाढ़ की वजह जो दोनों घटनाओं में अलग है.”हृदयेश आगे कहते हैं, “आपदा के बाद फिर वही सुर उठते हैं और फिर वही कंस्ट्रक्शन शुरू हो जाते हैं और हम आपदाओं से सीखते नहीं हैं.”सुनिए पूरी चर्चा -टाइमकोड्स:00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 3:00 - सुर्खियां 06:52 - नेपाल में आई बाढ़  38:00 - आरक्षण को लेकर बहस 01:10:30 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 01:13:27 - नाबालिग़ अंडरवर्ल्ड 01:25:03 - सलाह और सुझावनोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए हृदयेश जोशी - रिपोर्ट - नाबालिग़ अंडरवर्ल्ड, किताब - घाचर घोचर अवधेश कुमार - रिपोर्ट - नाबालिग़ अंडरवर्ल्ड, किताब - सामने आते ही नहीं  विकास जांगड़ा -फिल्म - मदर इंडिया, डॉक्यूमेंट्री - द एआई डॉकअतुल चौरसिया - रिपोर्ट - नाबालिग़ अंडरवर्ल्ड चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : हसन बिलाल संपादन: हसन बिलाल
  • एनएल चर्चा 437: बीजेपी की नई टीम, स्मृति इन, मालवीय आउट और टेक डाउन नोटिसों का रिकॉर्ड उछाल

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    एनएल चर्चा के इस अंक में भारतीय जनता पार्टी की नई टीम के गठन, स्मृति ईरानी की वापसी और अमित मालवीय के बाहर होने पर विस्तार से बात हुई. इसके साथ सरकार द्वारा जारी 'टेक डाउन' नोटिसों की बढ़ती संख्या पर भी गहन चर्चा की गई.इसके अलावा दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और पूर्व डीजेबी सीईओ की एसटीपी परियोजना टेंडर मामले में गिरफ्तारी, जम्मू-कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत का बयान, पश्चिम बंगाल में सीजेपी कार्यकर्ता के पिता की हत्या मामले में पुलिस की भूमिका, झारखंड में परीक्षा रद्द होने से 2,000 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटकने, पीएम केयर्स फंड द्वारा 2024-25 में 8,452 करोड़ में से मात्र 88 लाख खर्च कर 93% राशि एफडी में रखने, पत्रकार रवि नायर के घर गुजरात पुलिस की छापेमारी, गुजरात के भावनगर ज़हरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत, 'वंदे मातरम' प्रस्ताव पर सीडब्ल्यूसी के खिलाफ बीजेपी का हमला, यूजीसी-नेट की तीन परीक्षाएं दोबारा कराने का एनटीए का फैसला, आरजेडी प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव की हिरासत, बिहार के स्कूल में मध्याह्न भोजन में डिटर्जेंट मिलने से बच्चों के बीमार होने, पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का निधन, विमल इलायची विज्ञापन विवाद में अभिनेताओं को नोटिस और बांग्लादेश द्वारा शेख हसीना के प्रत्यर्पण की शर्त आदि ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार, राजनीतिक विश्लेषक, इंडियन एक्सप्रेस की कंट्रीब्यूटिंग एडिटर और 'हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड' की लेखिका नीरजा चौधरी शामिल हुईं. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से बातचीत में रिपोर्टर बसंत कुमार, स्तंभकार आनंद वर्धन और प्रमुख संपादक रमन किरपाल ने हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “चुनावी जीत के दम पर शिखर पर खड़ी सरकार क्या हालिया संसद सत्र में डिफेंसिव मोड में आ गई? जिस तरह अमित शाह को घेरा गया, क्या वह सरकार के बदले हुए एटीट्यूड की ओर इशारा करता है?”इस सवाल के जवाब में नीरजा कहती हैं, “देखिए ये बात सही है, बैकफुट पे है सरकार, और अगर आप तुलना करेंगे पश्चिम बंगाल के नतीजे जब आए, कितने हाईप पे थी बीजेपी, और जिस तरह से तृणमूल में में टूट हुई और फिर शिवसेना उद्धव ठाकरे ठाकरे ग्रूप में टूट हुई जो बड़ा जंप है, और ये कहा जा रहा था कि मानसून सेशन में परिसीमन बिल लाया जाएगा और सरकार सोच रही है कि दो तिहाई मेजोरिटी अब उसके करीब है मतलब ऐसा लग रहा था ये सब होने जा रहा है और अचानक स्थिती पलट गई और ये एक बहुत बड़ी सीख है, कि कितनी जल्दी देश में स्थितियां बदल सकती हैं.”सुनिए पूरी चर्चा -टाइमकोड्स:00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 4:20 - सुर्खियां 07:30 - सोनिया गांधी की आने वाली किताब 20:15 - संसद का मानसून सत्र 25:40 - भाजपा की नई टीम 53:56 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 01:02:40 - 'टेक डाउन' नोटिसों की बढ़ती संख्या01:14:40 - सलाह और सुझावनोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करेंपत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए  बसंत कुमाररिपोर्ट - हिमंत बिस्वा सरमा के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्राइड ईस्ट के विज्ञापन भुगतान में धुंआधार बढ़ोतरीरिपोर्ट - ₹428 करोड़ इन, ₹1 करोड़ आउट: हाउ चाइनीज़ कैपिटल एंड पब्लिक मनी वैनिश्ड इनटू गुरुग्राम्स गार्बेजआनंद वर्धन किताब - राइटिंग सोशल हिस्ट्रीकिताब - मॉडर्न इण्डियालेख - व्हाट द लखनऊ फायर सेज़ अबाउट द एवरीडे गैंबल ऑफ बीइंग अलाइव इन इंडिया रमन किरपाल रिपोर्ट - ₹428 करोड़ इन, ₹1 करोड़ आउट: हाउ चाइनीज़ कैपिटल एंड पब्लिक मनी वैनिश्ड इनटू गुरुग्राम्स गार्बेज वेब सीरीज़ - सफ़ेद सागरअतुल चौरसिया रिपोर्ट - ₹428 करोड़ इन, ₹1 करोड़ आउट: हाउ चाइनीज़ कैपिटल एंड पब्लिक मनी वैनिश्ड इनटू गुरुग्राम्स गार्बेज किताब - एनिमल फार्मचर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : सौरव कुमार रंजन  संपादन: हसन बिलाल
  • एनएल चर्चा 436: दिल्ली में स्वाइन फ्लू का प्रकोप, संसद में अमित शाह की वापसी और चमोली सुरंग हादसा

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    एनएल चर्चा के इस अंक में वृक्षारोपण अभियानों की असल जमीनी हकीकत, दिल्ली में तेजी से बढ़ते स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले और पिटबुल नस्ल के कुत्तों के हमलों से जुड़ी चिंताओं पर विस्तार से बात हुई. इसके साथ ही संसद के मौजूदा सत्र के दौरान गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के बीच हुई तीखी बहस पर भी चर्चा की गई.इसके अलावा अमित शाह की चर्चा की पेशकश पर राहुल गांधी का पलटवार, झारखंड जेपीएससी पेपर लीक मामले में पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते की गिरफ्तारी, नल्सर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में सीजेआई को आमंत्रण पर छात्रों का विरोध, विपक्ष के वॉकआउट के बीच संसद से ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक 2026 का पारित होना, अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावों के बीच भारत का कड़ा रुख, असम में बाढ़ से मची तबाही और पुनर्वास के लिए 1000 करोड़ की आवश्यकता, अमेरिकी अदालत द्वारा उद्योगपति गौतम अडानी पर लगे रिश्वत और धोखाधड़ी के आरोप खारिज, कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से 132 लोगों की मौत, 'वंदे मातरम' के अपमान को अपराध घोषित करने वाले विधेयक को राष्ट्रपति मुर्मू की मंजूरी, पाकिस्तान-सऊदी अरब-तुर्की रक्षा समझौते पर भारत की पैनी नजर, जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास से नकद बरामदगी मामले में जांच समिति की रिपोर्ट, महाराष्ट्र में ओला-उबर चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने का नियम, और रूसी तेल आयात को लेकर भारत पर 100% टैरिफ लगाने वाला अमेरिकी सीनेट का प्रतिबंध विधेयक आदि ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान संक्रामक रोगों की विशेषज्ञ और 17 वर्षों का वृहद अनुभव रखने वाली जानी-मानी चिकित्सक डॉ. तृप्ति गिलाड़ा शामिल हुईं. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से बातचीत में सह संपादक शार्दूल कात्यायन, वरिष्ठ पत्रकार हृदेश जोशी और विकास जांगड़ा ने हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चूंकि आज स्वतंत्रता दिवस है तो उसी से चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल स्वतंत्रता दिवस की यादों और उत्तराखंड के इतिहास के बारे में हृदयेश से सवाल करते हैं कि 15 अगस्त से जुड़ी बचपन की सबसे मजेदार यादें क्या हैं?इस पर हृदयेश बताते हैं कि बचपन में स्वतंत्रता दिवस पर सुबह बहुत जल्दी उठकर प्रभात फेरियों में जाना पड़ता था. वे याद करते हैं कि कैसे उनके शिक्षक नदीम सर के नेतृत्व में बच्चे पूरे हल्द्वानी शहर में घूमकर 'कौमी एकता जिंदाबाद' और स्वतंत्रता सेनानियों के नारे लगाते थे. भीषण गर्मी और पसीने के बावजूद प्रभात फेरी के बाद झंडारोहण और बूंदी के लड्डू मिलने का उत्साह अलग ही होता था.इसके आगे उत्तराखंड के ऐतिहासिक संदर्भ पर बात करते हुए हृदयेश कहते हैं कि उत्तराखंड का स्वतंत्रता संग्राम और पर्यावरण आंदोलन आपस में बहुत गहराई से जुड़े हुए हैं. 1916 में कुमाऊँ परिषद का गठन, 1920 का कुली-बेगार आंदोलन, गांधी जी का आगमन और तिलाड़ी कांड जैसी घटनाएँ राज्य के समृद्ध इतिहास को दर्शाती हैं.वे पेशावर विद्रोह के नायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली का विशेष उल्लेख करते हुए बताते हैं कि कैसे उन्होंने खान अब्दुल गफ्फार खान के 'खुदाई खिदमतगार' आंदोलनकारियों पर गोली चलाने के ब्रिटिश हुकूम के आदेश को साफ नकार दिया था और जेल जाना स्वीकार किया था. सुनिए पूरी चर्चा- टाइमकोड्स:00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 4:00 - सुर्खियां 10:54 - स्वतंत्रता दिवस 22:15 - स्वाइन फ्लू का प्रकोप43:45 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 49:20 - FCRA विधेयक01:01:40 - चमोली टनल हादसा 01:11:22 - पिटबुल के हमले01:37:00 - सलाह और सुझावनोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : सौरव कुमार रंजन  संपादन: सौरव कुमार रंजन