NL Charcha

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एनएल चर्चा 156: सरकार की डिजिटल मीडिया गाइडलाइन और ऑस्ट्रेलियाई संसद में पास कानून

टाइम कोड


1:08 - कपिल मिश्रा हिंदू ईकोसिस्टम


8:38 - हेडलाइन


14:38 - नरेन्द्र मोदी स्टेडियम


26:25 - ऑस्ट्रेलिया की नई टेक पॉलिसी


48:37 - न्यूज डिजिटल पॉलिसी


1:08:49 - सलाह और सुझाव


एनएल चर्चा के 156वें एपिसोड में कपिल मिश्रा के हिन्दू इकोसिस्टम, दिशा रवि को मिली ज़मानत, पेट्रोल के बढ़ते दाम, गुजरात के मोटेरा स्टेडियम का नाम 'नरेंद्र मोदी स्टेडियम' करना, केंद्र सरकार द्वारा सोशल मीडिया, ऑनलाइन मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए जारी गाइडलाइन, ऑस्ट्रेलिया सरकार और फेसबुक-गूगल के बीच विवाद, दिल्ली के सांप्रदायिक दंगों को पूरा हुआ एक साल और देश में शुरू हुए कोरोना के टीकाकरण के दूसरे चरण का जिक्र हुआ.


इस बार चर्चा में न्यूज़लॉन्ड्री के प्रोडक्ट एंड ग्रोथ लीड चित्रांशु तिवारी और न्यूज़लॉन्ड्री के एसोसिएट एडिटर मेघनाद एस शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.


पत्रकारों की राय, क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए.


चित्रांशु तिवारी 

द ऑस्ट्रेलियाई पर्सपेक्टिव - पॉडकास्ट

इंडियन एक्सप्रेस पर अपर गुप्ता का आईटी नियमों का डिजिटल इकोसिस्टम पर नियंत्रण विषय पर लिखा लेख. 


मेघनाद एस

मोदी रोज़गार दो - यूट्यूब वीडियो 

इंडियन एक्सप्रेस में कपिल कोमिरेड्डी का राहुल गांधी की राजनीति पर प्रकाशित लेख 

दलित श्रमिक नेता शिव कुमार के साथ हिरासत में किया अत्याचार को लेकर आर्टिकल 14 पर प्रकाशित रिपोर्ट.


अतुल चौरसिया 

ईरानी उपन्यास- पर्सेपोलिस 

ऑस्ट्रेलिया में पारित नए कानून पर चित्रांशु तिवारी का एक्सप्लेनर




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More Episodes

5/8/2021

एनएल चर्चा 166: बंगाल हिंसा, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट और महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण

एनएल चर्चा के 166वें अंक में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम, बंगाल में चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा, कोरोना के बढ़ते मामले, राहुल गांधी का प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, कोविड महामारी के बीच जारी सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट, मराठा आरक्षण आदि विषयों का जिक्र हुआ.इस बार चर्चा में ऑल्ट न्यूज़ के सह संस्थापक प्रतीक सिन्हा, न्यूज़लॉन्ड्री के एसोसिएट एडिटर मेघनाद एस और न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार आनंद वर्धन शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चुनाव नतीजों के बाद बंगाल में हुई हिंसा को लेकर अतुल ने चर्चा की शुरुआत प्रतीक से करते हुए पूछा, “नतीजे आने के बाद अचानक से ही अगले दिन बड़े पैमाने पर हिंसा हुई और सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ फैलाई गयी. इसमें बड़े नेताओं ने भी फेक न्यूज़ फैलाई और इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की. आप हमें बताइए की जब ऐसे बड़े लोग ये सब करते है तब इन सब से निपटना कितना मुश्किल होता हप्रतीक कहते हैं, “पश्चिम बंगाल में हिंसा का बहुत पुराना इतिहास रहा है और जब भी हिंसा हुई है उसके साथ झूठी ख़बरों को भी काफी फैलाया गया है. मेरा मानना है की जो कुछ भी आज के समय में वहां हो रहा है, वो बहुत सोच समझ कर किया जा रहा है. बंगाल में जो हिंसा हो रही है वह लेफ्ट सरकार में भी होता था. वहीं अब भी हो रहा है, इसमें कोई सुधार नहीं आया है. आप इस समय कंटेंट देखिये जो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है, उसमें ऐसे दिखाया जा रहा है की बंगाल में हिन्दू नरसंहार हो रहा है. हिंदुओं को मारा जा रहा है. इन खबरों के जरिए लोगों को प्रभावित किया जा रहा है. लेकिन जमीनी हकीकत इससे बहुत अलग है. मैं एक बात और कहूंगा की यह सांप्रदायिक हिंसा नहीं है बल्कि राजनीतिक हिंसा है. इस हिंसा को भड़काने के लिए पुरानी वीडियो और तस्वीरें वायरल की जा रही हैं.”अतुल ने आनंद से सवाल किया, “आपको क्या लगता है की बंगाल में हो रही हिंसा को सांप्रदायिक रूप देना पहली बार हो रहा है या जानबूझकर इसे सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है?”इस पर आनंद कहते हैं, 'मैं इसके पीछे की मंशा पर नहीं जाऊंगा लेकिन एक बात सच है की बंगाल में स्ट्रीट पावर बहुत मायने रखता है. ये दो लेवल पर है. एक कैडर और पार्टी का फ्यूज़न और दूसरा पार्टी और स्टेट का फ्यूज़न. इस तरह की एक राजनीतिक संस्कृति बन गई है बंगाल में जहां दोनों एक दूसरे को अपना पूरक मानते हैं.”उन्होंने आगे कहा, “मेरे ख्याल से जो हिंसा हो रही है वह नहीं होना चाहिए और राजनीतिक संस्कृति का ये जो चेहरा है इसे बंद होना चाहिए.”अतुल ने मेघनाद से पूछा की, “आप खुद बंगाल में चुनाव के दौरान मौजूद थे. इस चीज़ का कहीं अंदाज़ा लग पाया की लोग इतने हिंसक है? क्योंकि और कहीं देश में ऐसा नहीं देखने को मिलता. चुनाव ख़त्म होते ही लोग अपने-अपने रास्ते चले जाते हैं.मेघनाद कहते हैं, “मैं और मेरे साथी परीक्षित, दोनों को लग रहा था की यहां हिंसा होने वाली है. हम जब बैरकपुर गए थे, वहां भाटपाड़ा नाम की एक जगह पर चुनाव के दौरान हिंसक झड़प हुई थी. जब हमने लोगों से बात की तो लोगों ने कहा कि, ये हिंसा दो पार्टियों में आपस में शुरू हुई और फिर इसे हिन्दू मुस्लिम बना दिया गया.”उन्होंने आगे कहा, “काफी दुकानदारों ने उन्हें बताया कि चुनाव के नतीजे 2 मई को आने हैं, तो हम सारा सामान एक हफ्ते पहले गोडाउन में शिफ्ट कर रहे हैं. दुकानदार कहते है हमारी दुकान जलने वाली है. वो इतने विश्वास से यह बात कह रहे थे की कुछ भी हो, कोई भी जीते, हमारी दुकान तो फिर भी जलने वाली है. ये सुनकर कर ही हमें अंदेशा हमें होने लगा था कि बंगाल की राजनीति में हिंसा का एक पैटर्न है.”इस विषय के अलावा अन्य विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. पूरी बातचीत सुनने के लिए यह पॉडकास्ट सुनें और न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब करना न भूलें.पत्रकारों की राय, क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए.प्रतीक सिन्हाउत्तर प्रदेश के अस्पताल को लेकर सीएनएन की रिपोर्टमेघनाथ एसऑर्सन स्कॉट की किताब - एंडर्स गेमउत्तर प्रदेश के मेरठ से आयुष और बसंत का ग्राउंड रिपोर्टआनंद वर्धनचिन्मय तुम्बे की किताब - ऐज ऑफ़ पैनडेमिकअतुल चौरसियागोरखपुर के गांव से शिवांगी और आकांक्षा की रिपोर्टपश्चिमी उत्तर प्रदेश से बसंत और आयुष की रिपोर्टकोरोना के मोर्चे पर सरकार की असफलता पर द इकोनॉमिस्ट का लेख.”ै?”
5/1/2021

एनएल चर्चा 165: चुनाव आयोग, वैक्सीन की कमी और विधानसभा चुनावों के परिणाम

एनएल चर्चा का 165वां अंक विशेष रूप से चुनाव आयोग के ऊपर हाईकोर्ट की टिप्पणियों के इर्द गिर्द रहा. साथ ही देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामले, 18 से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए वैक्सीन ड्राइव, कई राज्यों में खत्म हुई कोरोना वैक्सीन और अमेरिका द्वारा भारत को दी गई राहत साम्रगी और वैक्सीन के लिए कच्चा माल भेजने की अनुमति जैसे विषयों का जिक्र हुआ.इस बार चर्चा में एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म इंडिया के संस्थापक सदस्य प्रोफेसर जगदीप छोकर, न्यूज़लॉन्ड्री के एसोसिएट एडिटर मेघनाद एस और न्यूज़लॉन्ड्री के सह संपादक शार्दूल कात्यायन शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.टाइम कोड00:00 - इंट्रो04:06 - हेडलाइन्स17:29 - कोरोना के दूसरी लहर के दौरान चुनाव आयोग और राजनीतिक पार्टियां का रूख34:01 - चुनाव आयोग को लेकर मद्रास हाईकोर्ट का बयान52:00 - कोविड को लेकर भारतीय मीडिया की कवरेज1:03:03 - सलाह और सुझावपत्रकारों की राय, क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए.मेघनाथ एसन्यूज़लॉन्ड्री पर कॉन्स्टिट्यूशन का सीजन 2आईवीएम पॉडकास्ट- हाउ टू सिटिज़नआकांक्षा और बसंत कुमार की रिपोर्ट्समेघनाद की रिपोर्ट - कोविड के प्रिडिक्शन परशार्दूल कात्यायनडयचे वैले (डीडब्ल्यू) पर पर्यावरण को लेकर प्रकाशित रिपोर्टमिज़ोरम के जंगलो में लगी आग पर रिपोर्ट पढ़ेयोगी आदित्यनाथ और तुषार मेहता के दावों में अंतरजगदीप छोकरन्यूज़लॉन्ड्री, द वायर, स्क्रॉल, कारवां, रवीश कुमार का प्राइम टाइम ज़रूर देखेंअतुल चौरसियान्यूज़लॉन्ड्री की हिंदी नई वेबसाइट देखें
4/24/2021

एनएल चर्चा 164: ऑक्सीजन की किल्लत, दवाओं की जमाखोरी और सुप्रीम कोर्ट का सुओ-मोटो संज्ञान

एनएल चर्चा का 164वां विशेष अंक देश में हाहाकार मचा रही कोविड की सेकेंड वेव पर केंद्रित रहा. देशभर में कोविड मरीजों की संख्या और उससे हो रही मौतों ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए है. महाराष्ट्र के नासिक में ऑक्सीजन प्लांट में लीक होने से 22 लोगों की मौत, ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए रेलवे से लेकर वायुसेना के विमानों के उपयोग, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन का मनमोहन सिंह को लिखा गया पत्र, एक मई से 18 साल के ऊपर सभी लोगों को लगेगा वैक्सीन, कोविड के लिए आवश्यक दवाओं की बीजेपी दफ्तर से वितरण समेत कई अन्य विषयों का जिक्र हुआ.इस बार चर्चा में द हिंदू की डिप्टी एडिटर विजेता सिंह, मुंबई से द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के असिस्टेंट एडिटर सुधीर सूर्यवंशी, न्यूज़लॉन्ड्री के एसोसिएट एडिटर मेघनाद एस और न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार आनंद वर्धन शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.पत्रकारों की राय, क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए.सुधीर सूर्यवंशीवॉल्डेमार हफ़्फ़क़ीन की किताब- महात्मासुधीर सूर्यवंशी कि किताब - चेकमेटविजेता सिंहरूथ वेर की किताब - वन बाई वनस्पॉटिफाई पर मिशन इसरो को लेकर हर्षा भोगले का पॉडकास्टआनंद वर्धनअल्बर्ट कामू की किताब- द प्लेगमेघनाद एसन्यूज़लॉन्ड्री पर प्रतीक गोयल का आशीष येचुरी को याद करते हुआ लेखउत्तर प्रदेश में सीएमओ का रेफरल लेटर पर आकांक्षा की रिपोर्टभोपाल में कोविड से हुई मौत के आंकड़ों को छुपाती मध्यप्रदेश सरकार पर शार्दूल और प्रतीक गोयल की रिपोर्टदिल्ली में फिर से 500 बेड का आईटीबीपी अस्पताल चालू - विजेता की रिपोर्टअतुल चौरसियाआकांक्षा कुमार की दिल्ली दंगों में वायरल हुई वीडियो पर इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टदेवदत्त पटनायक की किताब- आस्था