{"version":"1.0","type":"rich","provider_name":"Acast","provider_url":"https://acast.com","height":250,"width":700,"html":"<iframe src=\"https://embed.acast.com/$/5ec3d9497cef7479d2ef4798/5f15ed01d7f69544e49373e6?\" frameBorder=\"0\" width=\"700\" height=\"250\"></iframe>","title":"एन एल चर्चा 14: इंडियन एक्सप्रेस में मुस्लिम और आधुनिकता पर जारी बहस श्रृंखला","description":"इंडियन एक्सप्रेस में धार्मिक पहचान और बुर्का पर पांच दिन लंबी बहस की श्रृंखला चली. अतुल ने इसे एक महत्वपूर्ण पहल बताया लेकिन सवाल उठाए कि इसमें एक भी लेखक मुस्लिम नहीं था. न ही किसी मुस्लिम महिला का पक्ष आ सका.\n\nउन्होंने न्यू़ज़लॉन्ड्री की पूर्व सहयोगी शेहला का बुर्के को लेकर राय पैनल से साझा किया. शेहला ने कहा था कि बुर्का उनके लिए अब एक पॉलिटिकल स्टेटमेंट है.\n\nइस मसले पर समन कुरैशी का मानना था कि जिस तरह राइट विंग फ़ण्डामेंटालिस्ट नुकसानदेह हैं उसी तरह लिबरल फ़ण्डामेंटालिस्ट भी एक बड़ा ख़तरा हैं जो अपने मुताबिक चीजों को थोपते है.","author_name":"Newslaundry.com"}