{"version":"1.0","type":"rich","provider_name":"Acast","provider_url":"https://acast.com","height":250,"width":700,"html":"<iframe src=\"https://embed.acast.com/$/5ec3d9497cef7479d2ef4798/5f15ed01d7f69544e49373df?\" frameBorder=\"0\" width=\"700\" height=\"250\"></iframe>","title":"एन एल चर्चा 15: निकाह हलाला पर सुप्रीम कोर्ट की पहल","description":"इतिहासकार व लेखिका राना सफवी के मुताबिक बहुविवाह और हलाला जैसी प्रथाएं गरीब तबकों में एक हद तक मौजूद है. क्योंकि कम पढ़ा-लिखा आदमी अकसर सही और गलत का फैसला करने में नाकाम रहता है. उसे धार्मिक आधार पर रगलाना भी आसान होता है. मध्य वर्ग मुसलमानों के बीच यह प्रथा लगभग खत्म हो चुकी है. साथ ही उन्होंने राव नवमी के मौके पर हिंदू-मुस्लिम हिंसा पर कहा कि पिछले चार सालों में पहली बार उन्हें यह बात लगने लगी है कि वे मुसलमान हैं.\n\nसुनिए निकाह हलाला पर पत्रकारों की बातचीत.","author_name":"Newslaundry.com"}