{"version":"1.0","type":"rich","provider_name":"Acast","provider_url":"https://acast.com","height":250,"width":700,"html":"<iframe src=\"https://embed.acast.com/$/5ec3d9497cef7479d2ef4798/5ec3da2e7cef7479d2ef48f1?\" frameBorder=\"0\" width=\"700\" height=\"250\"></iframe>","title":"मॉब लिंचिंग: क्या है व्हाट्सएप की भूमिका?","thumbnail_width":200,"thumbnail_height":200,"thumbnail_url":"https://open-images.acast.com/shows/5ec3d9497cef7479d2ef4798/5af430333501b3ad23aea0ea4a0d489a.jpg?height=200","description":"एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार व्हाट्सएप अफवाहों और फेक न्यूज़ के आधार पर देशभर में पिछले एक महीने में 20 लोगों की हत्या हो चुकी है. क्विंट की रिपोर्ट के मुताबिक 2015 से अबतक मॉब लिंचिंग में 65 लोगों की जान जा चुकी है. भारत सरकार ने व्हाट्सएप को अफवाहों पर लगाम लगाने की चेतावनी दी है. जबाव में व्हाट्सएप ने सरकार से कहा कि वह भारत में व्हाट्सएप के दुरुपयोग से चिंतित है. \"यह एक चुनौती है और हमें भारत सरकार, नागरिक समाज और तकनीकी कंपनियों को साथ मिलकर काम करना पड़ेगा.\"\n\nसाथ ही व्हाट्सएप ने अखबारों में भी विज्ञापन दिया. यह कुछ साधारण सलाह हैं जिसे व्हाट्सएप संदेशों के मद्देनज़र ध्यान दिया जाना है. मसलन व्हाट्सएप पर प्राप्त संदेश को फॉरवर्ड करने के पहले समझना, सवाल करना, दूसरे स्रोतों से क्रॉसचेक करना और सोच-विचार कर कुछ भी साझा करने जैसी सलाहें शामिल थी. सुनिए क्या है इसपर पत्रकारों की राय.","author_name":"Newslaundry.com"}