{"version":"1.0","type":"rich","provider_name":"Acast","provider_url":"https://acast.com","height":250,"width":700,"html":"<iframe src=\"https://embed.acast.com/$/5ec247bf1ad9f849b1e3c640/64e8fc51565c270012a381fe?\" frameBorder=\"0\" width=\"700\" height=\"250\"></iframe>","title":"एनएल चर्चा 281: चंद्रयान की कामयाबी, ब्रिक्स का बढ़ता दायरा और मीडिया पर लगाम का नया फरमान","thumbnail_width":200,"thumbnail_height":200,"thumbnail_url":"https://open-images.acast.com/shows/5ec247bf1ad9f849b1e3c640/1693211051553-9e03dccc43912cd88f41b136472bffae.jpeg?height=200","description":"<p>इस हफ्ते चर्चा में बातचीत के मुख्य भारत के मिशन चंद्रयान-3 की चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलता पूर्वक लैंडिंग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शासन की नकारात्मक छवि प्रस्तुत करने वाली खबरों की जांच और उन पर कार्रवाई के लिए आदेश और ब्रिक्स सम्मलेन आदि रहे.&nbsp;सम्मेलन में भाग लेने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी भी तीन दिवसीय दक्षिण अफ्रीका दौरे पर पहुंचे थे.&nbsp;&nbsp;</p><p><br></p><p>इसके अलावा ब्रिक्स के सदस्यों में छः नए देशों का शामिल होना, कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा पार्टी की कार्यसमिति का गठन, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तीन सहयोगियों पर ईडी की कार्रवाई, हिमाचल प्रदेश में बाढ़ से लगातार जारी तबाही और 69वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा भी इस हफ्ते की अन्य सुर्खियों में शामिल रहीं.वहीं, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का मुफ्त योजनाओं पर बयान, सरकार द्वारा प्याज की सरकारी खरीद की घोषणा और सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ द्वारा धारा 370 पर सुनवाई ने भी हफ्तेभर लोगों का ध्यान खींचा.&nbsp;&nbsp;</p><p><br></p><p>चर्चा में इस हफ्ते बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी, न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार आनंद वर्धन और विकास जांगड़ा शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.</p><p>चंद्रयान-3 की सफलता से चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचना इस लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि यहां पर शायद पानी और बर्फ के रूप में ऐसे तत्व मौजूद हैं, जो जीवन की ओर इशारा करते हैं.”</p><p>इस विषय पर आनंद अपनी राय रखते हुए कहते हैं, “कई मायनों में यह सफलता महत्वपूर्ण है. माना जा रहा है कि भविष्य में यह लॉन्चपैड भी बन सकता है. विश्व की साझा संपत्तियों के मामले में भी यह एक उपलब्धि है. साथ ही प्रौद्योगिकी में भारत का जो सामर्थ्य है, इससे वह भी स्थापित होता है. वहीं, यह मिशन आने वाले दशकों में भारत के ग्लोबल पावर बनने की दिशा में एक और आयाम जोड़ता है.”</p><p><br></p><p>चंद्रयान मिशन पर विस्तार से जानने के लिए सुनिए पूरी चर्चा. इस विषय के अलावा ब्रिक्स सम्मलेन पर भी विस्तृत चर्चा की गई.</p><p><br></p><p><strong>टाइम कोड्स</strong></p><p>00:00:00 - 00:24:18 - जरूरी सूचना व हैडलाइंस</p><p>00:24:18 - 48 :43 चंद्रयान-3 मिशन&nbsp;</p><p>00: 48:45 - 1:04:06 सब्सक्राइबर्स के मेल&nbsp;</p><p>1:04:10 - 01:17:31 ब्रिक्स देशों का विस्तार&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;</p><p>01:17:31- जरूरी सूचना व सलाह और सुझाव</p><p><br></p><p><br></p><p><em>ट्रांस्क्राइबः तस्नीम फातिमा&nbsp;</em></p><p><em>प्रोड्यूसरः चंचल गुप्ता&nbsp;</em></p><p><em>एडिटर: उमराव सिंह</em>&nbsp;</p><p><br></p><p><br></p><p><br></p><p><br></p><p><br></p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><br></p><p><br></p>","author_name":"Newslaundry.com"}